सोमवार, 21 सितंबर 2009

रेल शौचालय में धनिया के पत्ते की खुशबू!!!

प्रिय मित्रों! धनिया का पत्ता पूरे भारतवर्ष में बड़े चाव से खाया जाता है। सब्जी में अगर धनिया का पत्ता हो तो क्या खुशबू आती है। खिचड़ी में टमाटर, गोभी, मटर के साथ धनिया का पत्ता स्वाद में चार चाँद लगा देता है। ...और अब तो चाट और चटपटी में भी धनिया के पत्ते खूबसूरती और खुशबू बिखेरते नज़र आ जाते हैं। मगर क्या हम भारतीय नीचे की तस्वीरों को देखकर इसी धनिया के पत्ते को खाना पसंद करेंगे???
१९ जुलाई २००९ । मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से पटना के लिए खुली एक रेल। छत्रपति शिवाजी एक्सप्रेस। रात के अंधेरे को चीरती धडाधड रेल की पटरियों पर फिसलती रेल अचानक एक अनजाने जगह पर रूक गई। कुछ सोये हैं, कुछ जगे हैं। अचानक एक महिला की आवाज़--"निकालती हो इसको तुम कि नहीं...ज़हर खिलाओगी तुम सबको???" कोई जवाब नहीं। फिर उसी महिला की आवाज़--"निकलती हो कि नहीं? उठाकर फेंको सबको।" तब तक काफी लोग वहां जमा हो गए थे। दरअसल मामला यह था कि एक बूढी महिला अपने बेटे के साथ मिलकर धनिया पत्ते के कई बोरे इस रेलगाड़ी में ढो रही थी। बोरे को खोलकर खुली पत्तियों को रेल के छः शौचालयों में रख दिए गए थे। काफी यात्रिओं को इससे मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कुछ तो उसी शौचालय का उपयोग करने के लिए विवश थे। तभी एक महिला की नज़र उस पर पडी और उस बूढी महिला को सबक सिखाने के लिए आगे आयी। वह बूढी महिला कह रही थी--नाय बाबू , बडी खाद देले छिये। पुलिस बुलाने की बात करने पर कहने लगी कि--उ तो आके देखि लेले छे बाबू। .....तो कुछ नजारा आप भी देखिये इन तस्वीरों में और सोचिये रेल शौचालय में खुला रखकर लाये गए धनिया के पत्ते की खुशबू के बारे में जो कितने भारतीय अनजाने में सब्जियों, चाट और चटपटी में ले रहे होंगे!





























रविवार, 30 अगस्त 2009

मैं इंसान को यूँ खाता-पीता हूँ.....

भारत में तम्बाकू चबाने के कारन मुख कैंसर (सौजन्य डा० प्रकाश गुप्ता, टाटा इंस्टीच्यूट, मुंबई , भारत)

Mr Bhailal, patient of surgical oncologist Dr Kinner Shah of, India

फेफड़ा पहले और कैंसर के बाद





धुम्रपान के कारन पेरिफेरल वेस्कुलर रोग

Frances Downes
जिसने अपनी अंगुलियाँ इसी रोग के कारन खो दी।


जानिए और भी विस्तार से

गुरुवार, 16 जुलाई 2009

ये जो शराब है....

साभार: फोटोसर्च डॉट कॉम



















साभार : फोटो सर्च डॉट साभार साभार








ALCOHOLIC CIRRHOSIS, LIVER sabhaar : wrongdiagnosis dot com

सोमवार, 13 जुलाई 2009

क्या आप भी इसकी गिरफ्त में हैं???















पारिवारिक संबंधों में ज़हर घोलते--- सीरियल
अपराध-अश्लीलता का पाठ पढ़ाती---फिल्में
तन-मन-जीवन को बीमार बनाते--- विज्ञापन
सांस्कृतिक मूल्यों को ध्वस्त करते---प्रोग्राम
कीमती समय को निगलते खेल बनाम व्यापार---क्रिकेट प्रसारण

वीभत्स आपराधिक घटनाओं को मनोरंजन बनाती---खबरें
क्या आप इसे "सूचना-शिक्षा-मनोरंजन" कहेंगे???
जरा सोचिये...
टीवी देखकर टाइमपास करना कितना खतरनाक हो सकता है!!!