फिर शुरू होता है- इन्टरनेट पर नए-नए विपरीत-लिंगी दोस्त बनाने का सिलसिला। ई-मेल और चैटिंग और अपने तस्वीरों का आदान-प्रदान खूब धकधक चल रहा है! घर में कहीं पति महोदय देशी-विदेशी प्रेमिकाओं के चक्कर में पड़े हैं तो कहीं पत्नी साहिबा किसी प्रेमी के चक्कर में फंसकर अपने घर-परिवार को तहस-नहस कर रही हैं।
इन्टरनेट पर हर चीज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इन्टरनेट पर अश्लील तस्वीरों की वेबसाइट की भरमार है मगर किसी की क्या मजाल जो इस पर रोक लगा de . आज इन्टरनेट पर नशीली दवाओं के व्यापार फल-फूल रहे हैं। जुए का नया धंधा खूब चल रहा है और वह भी बेरोक-टोक। यहाँ प्रस्तुत कुछ अखबार की कतरनें---
